Tuesday, April 9, 2024

सदा

देखा जो उन्हें बाग़ में महसूस ये हुआ 
रंगीन था ये बाग़ महकता कभी न था 
सूरत तो उनकी दूर तक मशहूर थी मगर 
चेहरे से पहले हुस्न टपकता कभी न था 
[बाग़ = garden], [हुस्न = beauty]

नज़रों से देखते तो थे, इस बार बात की 
आँखों में पहले आब चमकता कभी न था 
पहले तमीज़ तीर की होती थी कुछ अलग 
करता था दिल पे चोट, गुज़रता कभी न था 
[आब = water]

दिल होश में रहता था शराबों के शहर में 
कितने भी जाम हों ये बहकता कभी न था 
दिल की रग़ों में जोश था लेकिन ये इस क़दर 
पैग़ाम देखने को तड़पता कभी न था 
[जाम = peg], [रग = veins], [पैग़ाम = messege]

देखी है क़ायनात में क़यामत से ज़ीनातें 
दो पल भी देखने को ठहरता कभी न था 
उनकी सदा सुनी है जबसे दिल को यूँ लगा 
दिल काम तो करता था धड़कता कभी न था 
[क़ायनात = universe], [क़यामत = doom day]

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