Tuesday, April 30, 2024

फ़रेब

ज़रा संभल के चल यहां
फ़रेब आज़माएगा
जो दिल किसी को दे दिया
तो फिर ना हाथ आएगा

कहाँ ये लौट कर मिला
जो एक बार दे दिया
बरस गया फ़लक से जो
ना फिर फ़लक पे आएगा

ज़रा संभल के चल यहां
फ़रेब आज़माएगा

ये जंग दिल दिमाग की
ये जंग आब आग की
बुझा बुझा रहेगा तू
जो जंग हार जाएगा

जो दिल किसी को दे दिया
तो फिर ना हाथ आएगा

ज़रा संभल के चल यहां
फ़रेब आज़माएगा

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