Thursday, April 4, 2024

याद आ गई

देखता था कल छत पे नज़ारा  

छोटे छोटे से बच्चों को निवाला

जब चिड़िया ने चोंच से खिलाया

माँ तेरी याद गई 

माँ तेरी याद गई 

माँ तेरी याद गई 


लेके आती थी तू आसमा से तारा 

आज पता चला जग देखा सारा  

आंसुओं का स्वाद होता है खारा  

माँ तेरी याद गई 


तेरी पोती भी है तुझसी ही प्यारी 

बात करती है वो मगर बहुत सारी 

एक दिन वो भी हो जाएगी नारी 

माँ तेरी याद गई 


पूजा करती तू लगाती थी रोली 

चाहे हो दिवाली या हो फिर होली 

मेरी भर दे फिर प्यार की झोली 

माँ तेरी याद गई 


तेरे हाथों से मैं कितना नहाया 

मैंने कितना है तुझको थकाया 

आज देख फिर मैं आंसू से नहाया  

माँ तेरी याद गई 

माँ तेरी याद गई 

माँ तेरी याद गई 

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