देखता था कल छत पे नज़ारा
छोटे छोटे से बच्चों को निवाला
जब चिड़िया ने चोंच से खिलाया
ओ माँ तेरी याद आ गई
माँ तेरी याद आ गई
ओ माँ तेरी याद आ गई
लेके आती थी तू आसमा से तारा
आज पता चला जग देखा सारा
आंसुओं का स्वाद होता है खारा
ओ माँ तेरी याद आ गई
तेरी पोती भी है तुझसी ही प्यारी
बात करती है वो मगर बहुत सारी
एक दिन वो भी हो जाएगी नारी
ओ माँ तेरी याद आ गई
पूजा करती तू लगाती थी रोली
चाहे हो दिवाली या हो फिर होली
मेरी भर दे फिर प्यार की झोली
ओ माँ तेरी याद आ गई
तेरे हाथों से मैं कितना नहाया
मैंने कितना है तुझको थकाया
आज देख फिर मैं आंसू से नहाया
ओ माँ तेरी याद आ गई
माँ तेरी याद आ गई
ओ माँ तेरी याद आ गई
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