करो मुहब्बत तुम लेकिन कभी इज़हार मत करो
एक फूल क़िताबों में बेकार मत करो
इक बार में ही सीख लो तुम कर के ये ख़ता
ख़ता ये ज़िन्दगी में बार बार मत करो
लिखता है कहानी तो लिख कर तू भूल जा
खुद को ही कहानी का किरदार मत करो
थोड़ा तो आज़मा लो कहते हैं तजरुबे
एक तरफ़ा कभी प्यार बे शुमार मत करो
खायेगा फिर से धोखा अगर प्यार करेगा
खुद से ही अब खुद को गद्दार मत करो
कमज़ोर सा ये दिल है, है ये मोम से बना
अंगार से जला के तार तार मत करो
इक बार में ही सीख लो तुम कर के ये ख़ता
ख़ता ये ज़िन्दगी में बार बार मत करो
करो मुहब्बत तुम लेकिन कभी इज़हार मत करो
एक फूल क़िताबों में बेकार मत करो
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