Wednesday, May 29, 2024
अब चलो जाओ
Monday, May 27, 2024
कुछ बातें
कुछ बातें
तो रह जाती हैं बातों में
जो खुद से ही
कभी कहते हैं रातों में
धुंधली सी
आँखों की बरसातों में
कुछ बातें
झूमती हैं हवाओं में
रह जाती हैं कुछ बातें
कह जाती हैं कुछ रातें
और हम तो बस तुझको ही हैं दोहराते
दोहराते ...... दोहराती हैं कुछ बातें
कुछ बातें
याद आती सन्नाटों में
मुझे पागल
बना जाती जज़्बातों से
बड़ी उलझन
शिकस्तों से और मातों से
हैं कुछ बातें
अटक जाती हैं नातों मे
हारना तो नहीं मुझे
जीतना भी नहीं मुझे
तो कैसे मैं कहूँ तुझे
कि आ जा रे ...... तू आ जा रे, सुना जा रे
तेरी ऐसी ... ही ... कुछ बातें ... कुछ बातें
Sunday, May 26, 2024
फिर वही
Thursday, May 23, 2024
हदें
Tuesday, May 21, 2024
मुराद
वो कहते रहते हैं अक्सर कभी तो याद करो
और हम कहें के भूलने की तुम फ़र्याद करो
राग़ों मे दौड़ते फिरते हैं वो लहू की तरह
ऐ खुदा अब मेरे जसबे को तुम मुराद करो
मेघ
Saturday, May 18, 2024
नाद का स्वाद
नाद का स्वाद लिया समझा वो
जीवन का क्या अर्थ है
मत पूछो मुख से कुछ भी तुम
कहना सुनना व्यर्थ है
आहत तो अनिवार्य नहीं है
अनाहत से जीवन है
सुन ले तू अनाहत की आहट
बिन कानों के शर्त है
स्वीकार
Friday, May 17, 2024
दुनिया
Tuesday, May 14, 2024
आदतें
जाएज़ा
Monday, May 13, 2024
दूध
फ़िक्र दुनिया तुझे सताती क्यूँ है
इस तरह ख़ुद को जलाती क्यूँ है
हम तो जी लेंगे तरीके अपने
यूँ ज़माने को रुलाती क्यूँ है
छोड़ जाना है एक दिन तो बता
पास अपने तू बुलाती क्यूँ है
दिन गए जो बात कर उनकी
मखमली याद दिलाती क्यूँ है
हाथ छूटे हैं जबसे सोचता हूँ
दोस्ती हाथ मिलाती क्यूँ है
किसी बच्चे ने माँ से पूछ लिया
मुझको तू दूध पिलाती क्यूँ है
Saturday, May 11, 2024
ये वक़्त है
तेरी पनाहों में
Sunday, May 5, 2024
सवाल
Friday, May 3, 2024
ज़ात
अफ़वाही ज़िंदगी
किसको है मिला सुकूँ किसको है मिली ख़ुशी अफ़वाही है, अफ़वाही है अफ़वाही ज़िंदगी ख़ुशियों की जुस्तजू में हर कोई मिला दुखी अफ़वाही ...
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किसको है मिला सुकूँ किसको है मिली ख़ुशी अफ़वाही है, अफ़वाही है अफ़वाही ज़िंदगी ख़ुशियों की जुस्तजू में हर कोई मिला दुखी अफ़वाही ...
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वक्त गुज़रा हुआ सा लग रहा है और सब कुछ हुआ सा लग रहा है तुझको देखा है जबसे दिल पे मेरे कोई जादू हुआ सा लग रहा है तेरी खुशबू जो यादों ने उठाई...
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रात की बात अंधेरों में फैल जाती है धूप लेकिन किसी तारे में टिमटिमाती है इसी तरह तेरी यादों के गाँव से अक्सर तू नहीं पर तेरी ख़ुश्बू तो मिल...