Thursday, April 4, 2024

मुख़्तलिफ़

दिल के मिजाज़ आज ज़रा मुख़्तलिफ़ से हैं 

जज़्बात के रवाँ भी ज़रा मुख़्तलिफ़ से हैं     

लगता है ज़ोर-ओ-शोर से बरसेंगे आज ये

बादल के रंग आज ज़रा मुख़्तलिफ़ से हैं 

[मिजाज़ = mood], [मुख़्तलिफ़ = different], [रवाँ = flow]


कहना है जो तुझे वही कहना है मुझको भी 

बस लहज़े तेरे और मेरे मुख़्तलिफ़ से हैं 
[
लहज़े = styles]


खुशियों से बह रहे हैं काशीदों की चौंधी में  

इन आँसुओं के ज़ाइक़े भी मुख़्तलिफ़ से हैं 

[अश्क़ = tears], [ज़ाइक़े = tastes]

कनखी से देखते हैं हमें वो पए-हम ही   

अन्दाज़ देखने के ज़रा मुख़्तलिफ़ से हैं

[कनखी = side glance,पए-हम = continuously]


2212 1211 2212 22


है तौर तर्ज और है आवाज़ बस अलग

अल्लाह और देव कहाँ मुख़्तलिफ़ से हैं?

[इबादत = prayer]


ये जश्न झूम झूम मनाएंगे हम मिल कर 

महफ़िल में आज साज़ ज़रा मुख़्तलिफ़ से हैं 

[साज़ = musical instruments]

वो पूछते हैं हमने कहाँ शब थी गुज़ारी 

कपड़ों के दाग़ आज ज़रा मुख़्तलिफ़ से हैं 


इक जान बँट गई है यहाँ आज़माइशी 

औ जिस्म जो दिये हैं ज़रा मुख़्तलिफ़ से हैं

[दरमियाँ = between]

उस्ताद ने कहा है मेरा सुनके ये कलाम 

इस बार शेर तेरे ज़रा मुख़्तलिफ़ से हैं 

[kalaam = poetry (in this case)]


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