तू कौन है
तू कहाँ पे है
तू दिल में है
या जाँ में है
तुझे चाहता हूँ देखूँ आँखों से इक दफ़ा
बेचैन कर रहा है तेरी दीद का नशा
तू कौन है कहाँ है किस देस मे बसा
बेचैन कर रहा है तेरी दीद का नशा
तू मुझे तो जानता है अपना तू दर बता
बेचैन कर रहा है तेरी दीद का नशा
तुझे सागरों में ढूंढा तुझे आसमा में ढूंढा
तुझे आशकी में ढूंढा तुझे बंदगी में ढूंढा
तुझे खुशबुओं में ढूंढा खामोशियों में ढूंढा
तुझे होश में भी ढूंढा बेहोशियों में ढूंढा
दिखता नहीं कहीं तू ढूंढा है कहकशा
बेचैन कर रहा है तेरी दीद का नशा
मेरी सांस में नहीं है मेरे खून में नहीं है
आवाज़ में नहीं है नाखून मे नहीं है
तू किताब में नहीं है मजमून में नहीं है
तू जुनून में नहीं है तू सुकून में नहीं है
फिर भी न जाने कैसे महसूस है किया
बेचैन कर रहा है तेरी दीद का नशा
तेरी चाहतों में पागल तेरी ख्वाहिशों में घायल
दरिया से सूख कर मैं अब बन गया हूँ बादल
दीदार के लिए ही मैं तड़प रहा हूँ पल पल
तड़प रहा हूँ पल पल तड़प रहा हूँ पल पल
तू किसी को भी दिखा है या मुझे न दिख सका
बेचैन कर रहा है तेरी दीद का नशा
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