Saturday, April 6, 2024

बेचैन

तू कौन है 
तू कहाँ पे है

तू दिल में है
या जाँ 
में है
तुझे चाहता हूँ देखूँ आँखों से इक दफ़ा 

बेचैन कर रहा है तेरी दीद का नशा
तू कौन है कहाँ है किस देस मे बसा
बेचैन कर रहा है तेरी दीद का नशा

तू मुझे तो जानता है अपना तू दर बता
बेचैन कर रहा है तेरी दीद का नशा

तुझे सागरों में ढूंढा तुझे आसमा में ढूंढा
तुझे आशकी  
में ढूंढा तुझे बंदगी में ढूंढा
तुझे खुशबुओं 
में ढूंढा खामोशियों में ढूंढा
तुझे होश 
में भी ढूंढा बेहोशियों में ढूंढा 

दिखता नहीं कहीं तू ढूंढा है कहकशा
बेचैन कर रहा है तेरी दीद का नशा

मेरी सांस में नहीं है मेरे खून में नहीं है
आवाज़ 
में नहीं है नाखून मे नहीं है 
तू किताब 
में नहीं है मजमून में नहीं है 
तू जुनून 
में नहीं है तू सुकून में नहीं है

फिर भी न जाने कैसे महसूस है किया
बेचैन कर रहा है तेरी दीद का नशा

तेरी चाहतों में पागल तेरी ख्वाहिशों में घायल
दरिया से सूख कर मैं अब बन गया हूँ बादल
दीदार के लिए ही मैं तड़प रहा हूँ पल पल
तड़प रहा हूँ पल पल तड़प रहा हूँ पल पल

तू किसी को भी दिखा है या मुझे न दिख सका
बेचैन कर रहा है तेरी दीद का नशा


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