किसको है मिला सुकूँ
किसको है मिली ख़ुशी
अफ़वाही है, अफ़वाही है
अफ़वाही ज़िंदगी
ख़ुशियों की जुस्तजू में
हर कोई मिला दुखी
अफ़वाही है, अफ़वाही है
अफ़वाही ज़िंदगी
जन्नत है काग़ज़ों पर
काग़ज़ी है हूर भी
अफ़वाही है, अफ़वाही है
अफ़वाही ज़िंदगी
जो कुछ न मिल सका है
उसका ही क्यूँ गिला है
ये कैसा सिलसिला है
ये कैसी बे बसी
अफ़वाही है, अफ़वाही है
अफ़वाही ज़िंदगी
पहले तो दिल लगाना
फिर तोड़ कर दिखाना
और दिल से मुस्कुराना
दुनिया ये बदल चुकी
अफ़वाही है, अफ़वाही है
अफ़वाही ज़िंदगी
No comments:
Post a Comment