वक्त गुज़रा हुआ सा लग रहा है
और सब कुछ हुआ सा लग रहा है
तुझको देखा है जबसे दिल पे मेरे
कोई जादू हुआ सा लग रहा है
तेरी खुशबू जो यादों ने उठाई
मुझे तुमने छुआ सा लग रहा है
तंज़ सी लग रही है सब की बातें
तेरा कहना दुआ सा लग रहा है
कैसे ढूँढूँ तुझे मैं दिल में मेरे
दिल ये अंधा कुआं सा लग रहा है
सब मेरे दोस्त मिलने आए हैं पर
कोई छूटा हुआ सा लग रहा है
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