Friday, May 3, 2024

ज़ात

दिन रात में तू है 
काएनात में तू है 
धड़कन में मेरी और 
मेरे जज़्बात में तू है 

सौग़ात में तू है 
मुलाक़ात में तू है 
लफ़्ज़ों में मेरे है तू 
और हर बात में तू है 

एहतियात में तू है 
खुराफ़ात में तू है 
इस ज़िन्दगी की सारी 
ज़रुरियात में तू है 

हयात में तू है 
ज़ेहरियात में तू है 
हर तिनके में हर शय में है 
हर ज़ात में तू है 

No comments:

Post a Comment

राम भजन

धियान न लागे मोरा राम  का करूँ सोहे तोरा नाम  गलियाँ फिरत हूँ चारों पहर अब  तोरा नाम जपन मोरा काम  धियान न लागे मोरा राम ... जो सुख तोरे नाम...