Monday, May 13, 2024

दूध

फ़िक्र दुनिया तुझे सताती क्यूँ है 

इस तरह ख़ुद को जलाती क्यूँ है 

हम तो जी लेंगे तरीके अपने 

यूँ ज़माने को रुलाती क्यूँ है 


छोड़ जाना है एक दिन तो बता 

पास अपने तू बुलाती क्यूँ है 


दिन गए जो बात कर उनकी 

मखमली याद दिलाती क्यूँ है 


हाथ छूटे हैं जबसे सोचता हूँ 

दोस्ती हाथ मिलाती क्यूँ है 


किसी बच्चे ने माँ से पूछ लिया 

मुझको तू दूध पिलाती क्यूँ है 

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