Tuesday, May 21, 2024

मुराद

वो कहते रहते हैं अक्सर कभी तो याद करो 
और हम कहें के भूलने की तुम फ़र्याद करो 
राग़ों मे दौड़ते फिरते हैं वो लहू की तरह 
ऐ खुदा अब मेरे जसबे को तुम मुराद करो 

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