Saturday, May 18, 2024

नाद का स्वाद

नाद का स्वाद लिया समझा वो 
जीवन का क्या अर्थ है 

मत पूछो मुख से कुछ भी तुम 
कहना सुनना व्यर्थ है 

आहत तो अनिवार्य नहीं है 
अनाहत से जीवन है 

सुन ले तू अनाहत की आहट 
बिन कानों के शर्त है 

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