Saturday, May 11, 2024

तेरी पनाहों में

हँसी .... 
आ ही जाती है 
यूँ चिढ़ाने से 
मुस्कुराने से 
गुदगुदाने से 

आओ खेलें साथ 
ले लें ये आकाश 
अपनी बाहों में 

खुशी ..... 
आ ही जाती है 
मुस्कुराने से 
खिलखिलाने से 
हँसते जाने से 

देख ये रौनक 
बाजे रे ढोलक 
जीवन आँगन में 

मदहोशी ..... 
आ ही जाती है 
तेरे आँचल में 
लेट कर उसमें 
सर छुपाने से 

जोने दे तुझको 
सोने दे मुझको 
तेरी पनाहों में 


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