जब भी मिलते हो तो कहते हो 'अब चलो जाओ'
इतना आसां नहीं ये बात फिर ना दोहराओ
हम समझते हैं के हम कुछ भी समझते ही नहीं
और ये चाहत है के ये बात तुम समझ जाओ
इस गली भूल कर आना भी अब नहीं होता
आँख पथरा गई हैं अब तो कुछ तरस खाओ
बात ये है के अगर अब कोई बहाना भी नहीं
ये बता कर के मेरी आँख नम ही कर जाओ
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