Wednesday, May 29, 2024

अब चलो जाओ

जब भी मिलते हो तो कहते हो 'अब चलो जाओ'
इतना आसां नहीं ये बात फिर ना दोहराओ  
हम समझते हैं के हम कुछ भी समझते ही नहीं 
और ये चाहत है के ये बात तुम समझ जाओ 

इस गली भूल कर आना भी अब नहीं होता 
आँख पथरा गई हैं अब तो कुछ तरस खाओ 
बात ये है के अगर अब कोई बहाना भी नहीं 
ये बता कर के मेरी आँख नम ही कर जाओ 

No comments:

Post a Comment

अफ़वाही ज़िंदगी

किसको है मिला सुकूँ   किसको है मिली ख़ुशी   अफ़वाही है, अफ़वाही है   अफ़वाही ज़िंदगी   ख़ुशियों की जुस्तजू में   हर कोई मिला दुखी   अफ़वाही ...