ये वक़्त है
किसे पता
ये एक लफ्ज़
कब का है
ये वक़्त है
तुझे मिला
बस एक दिन
शब् का है
ये वक़्त है
मगर सदा
निकल चुका
सब का है
ये वक़्त है
ये रास्ता
बुना हुआ
रब का है
किसको है मिला सुकूँ किसको है मिली ख़ुशी अफ़वाही है, अफ़वाही है अफ़वाही ज़िंदगी ख़ुशियों की जुस्तजू में हर कोई मिला दुखी अफ़वाही ...
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