Saturday, May 18, 2024

स्वीकार

जीवन कुछ दिन का है 
कुछ दिन जीवन के हैं 
हम तुम इस जीवन में 
बस कुछ दिन रहते हैं 

कुछ लोग ये कहते हैं 
वो सब कुछ सहते हैं 
कुछ हैं जो सेह कर भी 
कुछ नहीं कहते हैं 

ऐसे कुछ लोग भी हैं 
हरदम खुश रहते हैं 
अक्सर औरों से वो 
दिल खोल के मिलते हैं 

इस वक़्त के ताने में 
जीवन के बाने में 
वो ही खुश रहते हैं जो
मिल जुल कर रहते हैं 

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