आदतें
नहीं बदलती कभी
लोग ढल जाते हैं
पर बदलना गवारा नहीं
आदतें
ज़रा सा रुक जाती हैं
फिर पकड़ ही लेती हैं
छोड़ कर कभी जाती नहीं
आदतें
नई ये होती नहीं
दिल मे कसक की तरह
ये नजर कभी आती नहीं
आदतें
छूटेगी कैसे भला
पूछता हूँ मैं इसे
कुछ भी बतलाती नहीं
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