मन चंचल चपल अभिमानी
एक ध्यान नहीं ध्यावत है
सकल विश्व की बात सुनत है
आत्म सूर न लगावत है
क़िताब ए जिंदगी में बाब हूं सितारों का मैं रोशनी हूं तलातुम हूं चाँद तारों का हिजाब रुख पे बहुत मैने ओढ़ रखे हैं मुझे पता नहीं है कुछ मेरे दया...
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