Wednesday, June 5, 2024

बदल जाएंगे

ये चाहत ये नफरत ये बेहिस की बातें 
रहेंगे ना दिन ये रहेंगी ना रातें 
बदल जाएंगे रंग इक दिन जहां के 
बदल जाएंगी सारी ये काएनातें 

बदल जाएंगे प्यार के ढंग इक दिन 
बदल जाएंगे नफ़रतों के भी माने
बदल जाएंगे रस्ते तेरे घरों के  
शहर गाँव कस्बे नदी और नाले 
 
ये उलझे से रिश्ते सुलझते नहीं हैं 
वो शर्तें भी अपनी बदलते नहीं हैं 
ये सच है मगर वो समझते नहीं हैं
रहेंगे भी कब तक अभी रहने वाले 

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