Saturday, June 15, 2024

फ़ना

आईना हाथ में लिया देखा 
यूँ अँधेरों मे इक दिया देखा 
जब ख़यालों से बात गुज़री तो 
लूट अपनों ने ही लिया देखा || आईना हाथ... 
 
रस्म-ए-दुनिया ने हौसले लूटे
जिस किसी को भी खुद बना देखा
ख़ाकसारी कहीं दिखी खुद की 
और खुद को कहीं खुदा देखा || आईना हाथ... 

शक्ल की सिलवटों के पीछे से 
वक़्त को फिर से झाँकता देखा 
मौत सच है तो सच भी कितना है?
किसने खुद को है खुद फ़ना देखा || आईना हाथ... 

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राम भजन

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