Bahr: 212 12 212 12
फिर वो दौर हो फिर वो बात हो
हमसफ़र वही फिर वो साथ हो
याद सब नहीं कुछ तो याद है
बात में तेरी कुछ तो बात है
बात कुछ मगर जो ना हो सकी
बात फिर वही तेरे साथ हो || फिर वो दौर हो
और ही कहीं आओ हम चलें
वक़्त के परे हम जहां मिलें
यूँ उसी जघा तुझसे बात हो
हाथ में मेरे तेरा हाथ हो || फिर वो दौर हो
आओ छोड़ दें अपनी तल्खियाँ
आओ हम करें दूर दूरियां
गुफ़्तगू में भी एहतियात हो
हम शकल सा ही दिल में प्यार हों || फिर वो दौर हो
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फिर वो दौर हो फिर वो बात हो
हमसफ़र वही फिर वो साथ हो
याद सब नहीं कुछ तो याद है
बात में तेरी कुछ तो बात है
बात कुछ मगर जो ना हो सकी
बात फिर वही तेरे साथ हो || फिर वो दौर हो
और ही कहीं आओ हम चलें
वक़्त के परे हम जहां मिलें
यूँ किसी जघा मुलाक़ात हो
हाथ में मेरे तेरा हाथ हो || फिर वो दौर हो
आओ छोड़ दें अपनी तल्खियाँ
आओ फिर करें नज़दीकियाँ
गुफ़्तगू में भी एहतियात हो
दिल मे एक से जज़्बात हों || फिर वो दौर हो
आखिरत मेरी काश यूँ रहे
दर्द हर तरह बे असर रहे
इश्क था तुझे इकरार हो
मौत तब मिले फिर हयात हो || फिर वो दौर हो
-- partnered creation by दीपाली & विवेक पोहरे
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