Monday, June 10, 2024

बात नाज़ुक है

बात नाज़ुक है ज़रा हौले से 
फिर कभी हम तुझे बता देंगे 
आज रहने दो बात इतनी ही 
दाग़ हम फिर कभी दिखा देंगे 

रास्ते फूल के बना डाले 
ये तो मुमकिन नहीं किसी के लिए 
कोई पत्थर मगर जो बन आए 
रास्तों से उसे हटा देंगे 

खोज लोगों को खुदा की है यहाँ 
क्यूँ भटकते हैं मुझे इल्म नहीं 
कोई पूछे अगर खुदा का पता 
तो तेरा घर उसे दिखा देंगे 

उनको इस बात का बड़ा ग़म है 
के जाताना हमें नहीं आता 
वक़्त आएगा एक दिन उनको 
प्यार कर के ही हम बता देंगे

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