अब तो रहने दो मेरी बात तुम नहीं समझोगे
मेरी बे-ढंग सोच है तुम नहीं समझोगे
मैं बोलता ही जाऊँगा दीवानों की तरह
जो सोच रखा है तुमने तुम वही समझोगे
तुम नहीं समझोगे के क्यूँ तुम नहीं समझोगे
ये बात सोचने की है ये नहीं समझोगे
जो मैं कह दूँ के रहने दो मेरी बातों को
तो मैं खुद में ही हूँ मग़रूर यही समझोगे
ये समझ दिल की है दिमाग़ से ना समझोगे
है सोच के परे की बात नहीं समझोगे
जो आँख मूँद लो दिमाग़ को खाली कर दो
तब जो समझोगे तो समझो के सही समझोगे
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