Wednesday, March 20, 2024

शोर

शोर, हर तरफ़ शोर 
ख्यालों में, बैठा चित चोर 
भीड़ हो या अकेला पन 
नहीं इसका कोई भी छोर । शोर, हर ... 

किसकी सुनें किस किस की सुनें 
दिल तो बड़ा कन्फूज़ है साला 
इसकी प्रायोरिटी उसकी दिल्लगी 
जैसे हो कोई मकड़ी का जाला 

ट्रैफिक दिमाग का ऐसा है बिखरा 
हो जैसे ये भी बैंगलोर। शोर, हर ... 

टाइम नहीं है इसमें राइम नहीं है 
म्यूज़िक में कहीं कोई चाइम नहीं है 
अरे कितने ही साज़ आवाज़ हैं इसमें 
फिर भी ये दिल मांगे मोर। शोर, हर ... 

चैलेंजेज़ बढ़ते ही जाते हैं 
फूलों के संग कितने कांटे हैं 
तुझको जो जीत ये करनी है हासिल 
चलना नहीं अब तू दौड़ 

शोर, हर तरफ़ शोर 
ख्यालों में, बैठा चित चोर 
भीड़ हो या अकेला पन 
नहीं इसका कोई भी छोर । शोर, हर ... 

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