किसी को आब ने मारा
किसी को प्यास ने मारा
कोई हसरत में जलता था
किसी को यास ने मारा
किसी को यार ने मारा
किसी को खास ने मारा
उसे तो इल्म भी ना था
जिसे एख़्लास ने मारा
किसी एहसास ने मारा
दिल-ए-उदास ने मारा
कभी दिलबर के बातों की
सर-ए-मिठास ने मारा
कभी तो वस्ल ने मारा
कभी फ़िराक़ ने मारा
कभी परवाने को उसके
दिल ए बकवास ने मारा
किसी को काश ने मारा
किसी को ताश ने मारा
जिसे सांसों की आदत थी
उसी को सांस ने मारा
Wednesday, July 17, 2024
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अफ़वाही ज़िंदगी
किसको है मिला सुकूँ किसको है मिली ख़ुशी अफ़वाही है, अफ़वाही है अफ़वाही ज़िंदगी ख़ुशियों की जुस्तजू में हर कोई मिला दुखी अफ़वाही ...
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किसको है मिला सुकूँ किसको है मिली ख़ुशी अफ़वाही है, अफ़वाही है अफ़वाही ज़िंदगी ख़ुशियों की जुस्तजू में हर कोई मिला दुखी अफ़वाही ...
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वक्त गुज़रा हुआ सा लग रहा है और सब कुछ हुआ सा लग रहा है तुझको देखा है जबसे दिल पे मेरे कोई जादू हुआ सा लग रहा है तेरी खुशबू जो यादों ने उठाई...
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रात की बात अंधेरों में फैल जाती है धूप लेकिन किसी तारे में टिमटिमाती है इसी तरह तेरी यादों के गाँव से अक्सर तू नहीं पर तेरी ख़ुश्बू तो मिल...
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