Friday, August 28, 2026

तलातुम

क़िताब ए जिंदगी में बाब हूं सितारों का
मैं रोशनी हूं तलातुम हूं चाँद तारों का

हिजाब रुख पे बहुत मैने ओढ़ रखे हैं
मुझे पता नहीं है कुछ मेरे दयारों का

किसी के वास्ते हूं राह रोकने वाला
किसी के वास्ते मैं फूल हूं बहारों का

कभी भँवर में गिरफ्तार हूं मैं सागर की
कभी तो बा खुदा मैं चैन हूं किनारों का

तराशते हैं मुझे ऐब मेरे गिनते हैं
शुकर गुज़ार हूं ज़ाहिर के ज़र निगारों का

वो इस्त दाद मिले सबको कोई ये न कहे
की बन सका न सहारा मैं बे सहारों का

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तलातुम

क़िताब ए जिंदगी में बाब हूं सितारों का मैं रोशनी हूं तलातुम हूं चाँद तारों का हिजाब रुख पे बहुत मैने ओढ़ रखे हैं मुझे पता नहीं है कुछ मेरे दया...