Monday, December 2, 2024

बस ख़्वाब है

बस ख़्वाब है बस ख़्वाब है 
ये ज़िन्दगी बस ख़्वाब है 
सोए हुए हम तुम सभी 
झूठे सभी जज़्बात हैं 

इस नींद में थकना भी है 
रोना भी है हँसना भी है 
इस नींद में जगना भी है 
फिर नींद में सोना भी है 

ख़्वाबों के भी कुछ ख़्वाब हैं 
झूठे सभी जज़्बात हैं 
सोए हुए हम तुम सभी 
ये ज़िन्दगी बस ख़्वाब है 

ये ख़्वाब भी है कमाल का 
है मलाल खुद ही सवाल का 
है हयात का तेज़ाब का 
है नशा ये जैसे शराब का 

ख़्वाबों की ये इक किताब है 
झूठे सभी जज़्बात हैं 
सोए हुए हम तुम सभी 
ये ज़िन्दगी बस ख़्वाब है 

बस ख़्वाब है बस ख़्वाब है 
ये ज़िन्दगी बस ख़्वाब है 

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