Friday, December 13, 2024

ज़िंदगी

ज़िन्दगी ज़िन्दगी हर तरफ ज़िन्दगी
लाख़ कुनबों का है ये शजर ज़िंदगी 
दौर है मुख़्तसर आरज़ू ऐं बड़ी
मौत से मौत तक का सफ़र ज़िंदगी 
[शजर = Tree,  दौर = Time, मुख़्तसर = small, आरज़ू = desire]

वक़्त के छोर पर जो विदा कर चले 
फिर उसी राह पर मुंतज़र ज़िंदगी 
[मुंतज़र = इंतज़ार में ]
 
सबकी आँखों से देखे सुने कान से 
बात 'ज़ाहिर' करे उम्र भर ज़िंदगी 

फ़िक्रे अंजाम से है परेशान तू 
किसकी नज़रों में है सर बसर ज़िंदगी 
 
क्या है अच्छा बुरा पाक बे काएदा
इन सवालों से है बेख़बर ज़िन्दगी

हर सफ़र के किनारे ख़रीदी हि थी 
इक नई ज़िन्दगी बेचकर ज़िन्दगी

नाम कर ले मगर एक दिन ये तुझे 
कर ही जाएगी फिर गुमशुदा ज़िंदगी 

तू नज़र यार अपनी बदल इक दफ़ा
मौत के बीच में है अमर ज़िंदगी 
[नज़रिया = point of view]
 
आग पानी हवा का घुलन भर है ये 
है धड़कती हुई साँस भर ज़िंदगी 

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