Sunday, August 18, 2024

ख़ुद गर्ज़

ऐसे कैसे ये तुमने सोच लिया 
आज के बाद भूल जाओगे 
इतना आसाँ भी नहीं बच पाना 
हर तरफ अक्स मेरे पाओगे 

तुम जो जाने की बात करते हो 
जो हम गए तो जान जाओगे 
बड़ी मुश्किल से रात गुज़रेगी 
बिन मेरे रह ही नहीं पाओगे 

बात ऐसी अगर करोगे तो 
क्या मेरा साथ तुम निभाओगे 
दो घडी बैठ के बातें तो करो 
क्या पता खुद ही मान जाओगे 

तेरी शर्तों के ऐसे पैमाने 
और कितना मुझे रुलाओगे 
प्यार ख़ुद गर्ज़ तो नहीं होता 
प्यार होते ही समझ जाओगे 

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