देखूँ तुझे दुआ करूँ
दिन रात यही ख़ाब
लेकिन अगर चश्मा न हो
देखूं क्या तुझे ख़ाक
महसूस तो होती है
तेरी रंगत तेरी ख़ुश्बू
सोने दे हुई रात अब
आ जाएंगे जुगनू
सब कहते हैं फूलों से हैं
लब तेरे गुलाबी
लेकिन ज़रा कम कर ले
तू ये पेट की चर्बी
ज़ख़्मी मेरा दिल है अगर
वजहों में तेरा नाम
बातें ज़हन की भूल कर
चुपचाप करो काम
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