Thursday, August 22, 2024

क्या मिला

क्या मिला क्या मिला 
करके ये क्या मिला 
है कैसी किस जहां की
तेरी अय्याशियां 

क्या मिला क्या मिला 
करके ये क्या मिला 

इंसानों में बसे हो 
हैवानों की तरह 
और बातें कर रहे हो 
देवताओं की तरह 

क्या मिला क्या मिला 
ये बता दो क्या मिला 
एक नन्ही चिड़िया को  
तुझे रौंद के क्या मिला 

क्या मिला क्या मिला 
करके ये क्या मिला 

कितना है बदगुमां तू 
किस मिट्टी का बना तू 
कातिल है रहमतों का 
और बनता रहनुमा तू 
फरमान दे रहा है 
ना फरमानों की तरह 

क्या मिला क्या मिला 
इक फूल को कुचल कर 
क्या मिला क्या मिला

क्या मिला क्या मिला 
करके ये क्या मिला 

तेरी तो मिलकियत है 
अपनी क्या हैसियत है 
लाचारों को मिटाना 
क्या ये ही इंसानियत है 
सदमों से घिर चुके हम 
हैरानों की तरह 

क्या मिला क्या मिला 
करके ये क्या मिला 
हम सब पे ज़ुल्म ढा कर  
क्या मिला क्या मिला 

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