क्या मिला क्या मिला
करके ये क्या मिला
है कैसी किस जहां की
तेरी अय्याशियां
क्या मिला क्या मिला
करके ये क्या मिला
इंसानों में बसे हो
हैवानों की तरह
और बातें कर रहे हो
देवताओं की तरह
क्या मिला क्या मिला
ये बता दो क्या मिला
एक नन्ही चिड़िया को
तुझे रौंद के क्या मिला
क्या मिला क्या मिला
करके ये क्या मिला
कितना है बदगुमां तू
किस मिट्टी का बना तू
कातिल है रहमतों का
और बनता रहनुमा तू
फरमान दे रहा है
ना फरमानों की तरह
क्या मिला क्या मिला
इक फूल को कुचल कर
क्या मिला क्या मिला
क्या मिला क्या मिला
करके ये क्या मिला
तेरी तो मिलकियत है
अपनी क्या हैसियत है
लाचारों को मिटाना
क्या ये ही इंसानियत है
सदमों से घिर चुके हम
हैरानों की तरह
क्या मिला क्या मिला
करके ये क्या मिला
हम सब पे ज़ुल्म ढा कर
क्या मिला क्या मिला
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