Tuesday, February 13, 2024

मौसम

लो आ गया, लो आ गया मौसम 
प्यार की तरह छा गया मौसम 
कितने अर्से से बाट देखी थी 
दिल में ठंडक दिला गया मौसम 

बात बनती न थी न आने से 
बात बनती न थी न जाने से 
आने जाने की उलझनों में ही 
घाव कितने भुला गया मौसम 

लो आ गया लो आ गया मौसम 
बाग़ बिखरे खिला गया मौसम 
फूल की खुशबुएँ बिखेर यहाँ 
दिल की धड़कन बढ़ा गया मौसम 

जब न आया था याद आती थी 
कितने मंसूबे ये बनाती थी 
ये है मेहमान कुछ महीनों का 
फिर कोई आएगा नया मौसम 

लो आ गया लो आ गया मौसम 
याद किसकी दिला गया मौसम 
आँख से आंसुओं ने बारिश की 
हँसके आया, रुला गया मौसम 

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