Monday, February 26, 2024

नज़र

बाग़ रंगत के गीत गाएंगे 
तुम अगर इक नज़र ही देख लो 
दिल धड़कना भी सीख जाएंगे 
तुम अगर इक नज़र ही देख लो 

यूँ पुकारा ना करो टीलों से 
पीछे पीछे ही चले आएंगे 
तुम अगर इक नज़र ही देख लो 

लब तो हैं पर वो रोशनाई कहाँ 
बात कहना भी सीख जाएंगे 
तुम अगर इक नज़र ही देख लो 

ज़ख़्म दिल का कुरेद कर देखो 
चीज़ इक कीमती दिखाएँगे 
तुम अगर इक नज़र ही देख लो 

रात की बात भूल जाओ तुम  
दिन बता कैसे ये बिताएंगे 
तुम अगर इक नज़र ही देख लो 

आँख आंसू बहाते हैं साक़ी 
आंसू बहना ही भूल जाएंगे 
तुम अगर इक नज़र ही देख लो 

तेरी शतरंज में मिसाल कहाँ 
खुद की बाज़ी से मात खाएंगे 
तुम अगर इक नज़र ही देख लो 

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