Wednesday, February 28, 2024

मौज

मौज हूँ मौज अपनी लॅहॅरों का
कोई ढांचा नहीं हूँ नॅहॅरों का
इक हवा हूँ मनचली सौंधी 
कोई तूफ़ाँ नहीं हूँ शहॅरों का 

बात सुन लो समंदर की ज़रा
क्या बड़ा है सवाल लॅहॅरों का 

फ़ितरतों का तो उसे ख़ौफ़ कहाँ (फ़ितरत = someone's nature)
जाम पीता है रोज़ ज़हॅरों का

कुछ तवज्जू हमें भी बख़्शा करो (तवज्जू = attention)
दिल तड़पता नहीं है ग़ैरों का 

तोडना है नहीं मुझे आसां  
कोई शीशा नहीं हूँ मॅहॅलों का

माना एक हर्फ़ हूँ शेरों का तेरे (हर्फ़ = letter /alphabet)
इक इबारत हूँ तेरे चॅहॅरों का (इबारत = expression)

दिल की बातों को दिल से लिखता हूँ 
ना करो ज़िक्र मेरी बेह्रों का (ज़िक्र = discussion, बेह्र = meter/rythm)

ये घडी दो घडी जो थम जाए 
देख लूँ जज़्बा मैं भी कॅहॅरों का (जज़्बा = passion)

फिर जुदाई की बात करते हो 
चेहरा तेरा है कितने चेहरों का

एक बारी हज़ार बार हुई 
तजरुबा है मुझे भी पॅहॅरों का (तजरुबा = experience)

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