Wednesday, October 23, 2024

इजाज़त

Behr (1222 1222 122)

इजाज़त हो ज़रा जी कर के देखूं 
अदा अपनी पुरानी कर के देखूं 
हैं दिलकश तेरी नज़रों के नज़ारे 
ये दिल चाहे तुझे जी भर के देखूं 

न जाने क्या हुआ मेरी नज़र को 
तेरे ये होंट गुल अख़्तर के देखूं 
[गुल अख्तर = Bright ornamental flower]

तेरी उल्फ़त बड़ी या मेरी उल्फ़त 
मैं तुझसे इक दफ़ा लड़ कर के देखूं 
[उलफ़त = affection]

न मिल पाया ख़ुदा तो सोचा मैंने 
ख़ुद अपना ही ख़ुदा बन कर के देखूँ 

तिरे ज़ख़्मों को रखा है संभाले 
कहीं तू डर ना जाए डर के देखूं 

अँधेरा मन में हो रखा है कब से 
जला के ख़ाब उजाला कर के देखूं 

करो तजरी के आफ़त हर जघा है 
कहो दुनिया के देखूं घर के देखूं 
[तजरी = prioritization]

परस्तिश की अहम की कुछ ना पाया 
ज़रा ख़ुद से जुदा हो कर के देखूं 
[परस्तिश = worship]

धरम मज़हब की बातें एक सी हैं 
जनेऊं ताविज़ों में भर कि देखूँ 

कहाँ जन्नत कहाँ दोज़ख़ खड़े हैं 
यक़ी करने को मैं भी मर के देखूं 
[जन्नत = heaven, दोज़ख़ = hell]

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