Monday, September 9, 2024

अक्सर

    Behr 2122 2122 2122

After

शायरों की ये बुरी आदत है अक्सर 
क़ैद करते हैं ये कुछ लफ़्ज़ों में मंज़र 
और बातों को भुला देते हैं लेकिन 
फ़लसफ़ों को लिख लिया करते हैं अक्सर 

हम तो मैख़ाने को जाते ही नहीं हैं 
तेरी आँखों से पिया करते हैं अक्सर 

जिनकी बातों में कोई भी दम नहीं है  
वो ख़ुदा की ही क़सम खाते हैं अक्सर 

पैरहन अपने बनाते देखा जिनको 
ज़ख़्म भी अपने सिया करते हैं अक्सर 

जिनसे आँखों को मिला पाना है मुश्किल 
वो गली में मुझको दिख जाते हैं अक्सर 

करते हैं ईमान की बातें जो हमसे 
एक बोली में ही बिक जाते हैं अक्सर 

जिन के घर की हैं दिवारें आसमाँ तक 
उनके घर तूफ़ा में ढह जाते हैं अक्सर 

जो हमें दे जाते हैं सारी विरासत 
आदतें भी वो दे ही जाते हैं अक्सर 

प्यार की तौज़्ही जिन्हें मालूम ना हो  
प्यार वो ही तो किया करते हैं अक्सर 


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Before

शायरों की बुरी आदत है अक्सर 
क़ैद करते हैं कुछ लफ़्ज़ों में मंज़र 
और बातों को भुला देते हैं लेकिन 
फ़लसफ़ों को ही लिखा करते हैं अक्सर 

हम तो मैख़ाने को जाते ही नहीं हैं 
तेरी आँखों से पिया करते हैं अक्सर 

जिनकी बातों में कोई भी दम नहीं है  
वो ख़ुदा की ही क़सम खाते हैं अक्सर 

पैरहन अपने बनाते देखा जिनको 
ज़ख़्म भी अपने सिया करते हैं अक्सर 

जिनसे आँखें मिला पाना है मुश्किल 
गली में मुझको दिख जाते हैं अक्सर 

करते हैं बातें जो ईमान की हमसे 
एक बोली में बिक जाते हैं अक्सर 

जिनके घर की दीवारें आसमाँ तक 
वो ही तूफ़ा में ढह जाते हैं अक्सर 
 

जो हमें दे जाते हैं सारी विरासत 
आदतें भी वो दे जाते हैं अक्सर 

प्यार क्या है जिन्हें मालूम नहीं है  
प्यार वो ही तो किया करते हैं अक्सर 

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