दिल को सुकून दे मैं वो ग़म ख़्वार ढूंढता हूँ
मिल कर के हर किसी से सरोकार ढूंढता हूँ
[ग़म ख़्वार = तसल्ली देने वाला, सरोकार = संबंध/Relation]
कोई न कोई होगा जो इल्ज़ाम लेगा 'ज़ाहिर'
अपने गुनाह का मैं गुनहगार ढूंढता हूँ
मेरे ख़याल से मैं भी नायाब ही बना हूँ
फिर भी मैं ख़ुद सा ही कोई बेज़ार ढूंढता हूँ
[नायाब = Unique, ज़ार-ज़ार = रोते-धोते, बेज़ार = sick ]
उपजाउ सी ज़मीं है ये वीरान क्यूँ पड़ी है
किसकी ज़मीन है मैं ज़मीदार ढूंढता हूँ
माक़ूल बात लगती नहीं है तुम्हारी 'ज़ाहिर'
झूठी दलील का मैं ख़रीदार ढूंढता हूँ
[माक़ूल = Reasonable, दलील = Proof]
मुमकिन नहीं है मिलना ये कहते हैं दोस्त मुझ से
मानी बदल गए हैं कि रिश्तों में ढब नहीं हैं
नाहक़ ही दोस्तों का मैं दीदार ढूंढता हूँ
[नाहक़ = Un-Reasonably]
बरसों से दिल को मेरे है तोड़ा नहीं किसी ने
फिर से तलब जगी है सो मक्कार ढूँढता हूँ
[तलब = desire]
'ज़ाहिर' है आना जाना तो होगा अकेला ही पर
इस ज़िन्दगी में फिर भी मैं संसार ढूंढता हूँ
ये क्या कि लत लगी है मुझे शेर ओ शायरी की
कहने से पहले कुछ भी मैं अशआर ढूंढता हूँ
[अशआर = एक से ज़्यादा शे'र]
सोचे से दिल कि बातें मुकम्मल नहीं हैं होती
खुद में कहीं छुपा मैं कलमकार ढूंढता हूँ
[मुकम्मल = complete]
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