Saturday, January 20, 2024

तक़दीर

मैंने धड़कन से पूछा साँसों से पूछा 
रग में लहू की क़तारों से पूछा 
क्या तुम यहाँ बस रही हो 

तुम यहीं हो, यहीं हो, यहीं हो, यहीं हो 
सब ने कहा तुम यहीं हो 

मैंने गुलशन से पूछा सितारों से पूछा
परबत की ठंडी हवाओं से पूछा
तुम हो तस्सव्वुर में मेरे हमेशा
तस्वीर में क्यूँ नहीं हो

क्यूँ नहीं हो, नहीं हो, नहीं हो, नहीं तुम
तस्वीर में क्यूँ नहीं हो 

देखो ये कैसी मेरी बेबसी है 
कैसे मैं कह दूँ वो जो अनकही है 
तक़दीर में तुम नहीं हो 

मेरी तक़दीर में तुम नहीं हो नहीं हो 
तक़दीर में तुम नहीं हो 


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